पहिल कदमक नाजुकता: जखन तुं सभ परिवार नहि छी, मुदा दू सँ बेसी छी।
ई बात पर जे कतेक महत्वपूर्ण अछि अपन हृदय केँ सुनब आ समय पर कहब, ताकि चुप्पी जीवनक वर्ष नहि चुरा ले।

AUDIO MIRRORस्रष्टाक स्वर
स्रष्टाक स्वर तैयार भऽ रहल अछि — शीघ्रें अध्याय सुनाओल जाएत
जोड़ी बनना — ई पुरुष आ महिला के बीचक सबसँ नाजुक आ संगहि सबसँ अस्थिर अवस्था अछि। अहाँ आबि तक विवाह नहि कएलहुँ, अहाँ आबि तक परिवार नहि छी। अहाँ बस एक-दूसरा के दरवाजे पर खड़ा छी: जखन अहाँ सच्चाई सँ व्यक्ति के आँखि सँ खोजि रहल छी, जखन अहाँ अपन सम्पूर्ण आत्मा सँ संग रहबाक चाहना रखैत छी आ ओकरा दिस बढ़बाक चाहैत छी, मुदा भीतर डर संकुचित होइत अछि — डर अनजाने में चोट पहुँचाबय, ओकर शांति के भंग करय या अस्वीकृत होयबाक।
इहेँ नाजुक संक्रमण पर अधूरापन आ गर्व सबसँ पैघ विश्वासघात करैत अछि — ई लोक के चुप रहबाक लेल मजबूर करैत अछि। पहिल कदम उठाबय आ जे मन में चलि रहल अछि से स्वीकार करबाक डर सँ, लोक बहुमूल्य समय गुमाबैत अछि, जे वापस नहि आओत।
पार्कक संसार अपन प्रति आ दूसरक प्रति ईमानदारी सँ शुरू होइत अछि। ई स्थान ओहि लोकक लेल बनल अछि, जे जीवन भरक लेल एकजुटता बनाबय चाहैत अछि — आ ताहि लेल, पहिने अपन हृदय, अपन सच्चा भावना सुनबाक लेल तैयार रहबाक चाही आ चुप्पी के पीछे ओहि सबके छुपाबय बंद करबाक चाही।
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VIA AD ME
«Open the gates of the Nine Worlds and the sovereign architecture of VIA AD ME»